BSTC कोर्स क्या है और कैसे करें – BSTC Full Form in Hindi
कई सारे विद्यार्थियों ने कहीं न कहीं बीएसटीसी का नाम सुना होता है लेकिन वे पूरी तरह से नहीं जानते है कि bstc kya hai, बीएसटीसी की फुल फॉर्म हिंदी में क्या है और BSTC कैसे करते है? इस लेख में आपको बीएसटीसी कोर्स के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी।

B.S.T.C को लेकर बच्चों और aspirants में कई सारी दुविधाएं रहती है जैसे कि bstc कब की जाती है, bstc कोर्स में प्रवेश कैसे लेते है, बीएसटीसी का एंट्रेंस एग्जाम कब होता है, इसके फॉर्म कब भरे जाते है तथा और भी बहुत कुछ।
बीएसटीसी राजस्थान राज्य में काफी प्रसिद्ध कोर्स है और प्राइमरी स्कूलों में अध्यापक बनने के लिए इसे एक आवश्यक योग्यता के रूप में देखा जाता है। 12th करते समय या 12th के बाद इस कोर्स को लेकर विद्यार्थियों में उत्सुकता बढ़ने लगती है। आइये जानते है बीएसटीसी के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में…
बीएसटीसी क्या है – What is BSTC in Hindi
बीएसटीसी दो साल में पूरा होने वाला एक कोर्स है। इसे 12वीं करने के बाद किया जाता है। इस कोर्स में विद्यार्थियों को प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है यानि यह प्राइमरी टीचर (अध्यापक) बनने के लिए योग्यता कोर्स है।
BSTC का फुल फॉर्म हिंदी में ‘बुनियादी विद्यालय शिक्षण प्रमाणपत्र’ है और BSTC Full Form in English – Basic School Teaching Certificate है।
इस कोर्स के लिए साइंस, आर्ट्स, वाणिज्य या किसी भी वर्ग का विद्यार्थी अप्लाई कर सकता है। इसकी अवधि दो वर्ष की होती है। इसे कई सब्जेक्ट में किया जा सकता है जैसे हिंदी या अंग्रेजी में।
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BSTC कैसे करें
बी.एस.टी.सी करने के लिए किसी भी प्रतियोगी को 12th पास होना जरुरी है लेकिन सिर्फ 12th कर देने से इस कोर्स में किसी को प्रवेश नहीं मिल जाता है।
इसमें प्रवेश पाने के लिए हर साल bstc entrance exam आयोजित होता है। उसके बाद काउन्सलिंग की जाती है और मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को कॉलेज का आवंटन होता है।
हर बार 4 से 5 काउन्सलिंग सूची जारी की जाती है। अत: अगर आप बी.एस.टी.सी. करने के इच्छुक है तो आज से ही (यदि 12th में है या बाहरवीं कर ली है तो) तैयारी शुरू कर सकते हैं।
BSTC Entrance Exam का आयोजन हर साल मई में होता है। अत: किसी भी विद्यार्थी के पास बाहरवीं की परीक्षाएं देने के बाद BSTC प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने का पर्याप्त समय होता है और कोई भी student जो अच्छे से 2 महीने के लिए इस एग्जाम की ढंग से preparation करे तो आसानी से 1st काउन्सलिंग लिस्ट में नाम लाकर bstc में एडमिशन ले सकता है।
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BSTC Details in Hindi
BSTC कोर्स कितने साल का होता है
बीएसटीसी दो साल का कोर्स होता है।
बीएसटीसी करने के लिए योग्यत्ता
बीएसटीसी को करने के लिए विद्यार्थी का किसी भी वर्ग से 12th पास होना जरुरी है। इसके साथ ही जनरल केटेगरी के विद्यार्थियों को इस कोर्स में प्रवेश पाने के लिए बाहरवीं में 50% अंक होना जरूरी है जबकि ओबीसी, SC, & ST में 45% मार्क्स।
bstc ke liye age limit
बीएसटीसी कोर्स को करने के इच्छुक आवेदकों की आयु 28 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। विशेष वर्ग के विद्यार्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु छूट मिल सकती है।
Bstc में कौनसे सब्जेक्ट होते है
बीएसटीसी Entrance exam में Mental Ability, General Awareness of Rajasthan, Teaching Aptitude, Hindi, English, Sanskrit Subject के प्रश्न पूछे जाते है। इस प्रवेश परीक्षा के प्रश्न पत्र में टोटल 200 प्रश्न होते है।
बीएसटीसी कब की जाती है
सामान्यत: BSTC को बारहवीं के बाद किया जाता है लेकिन इसे ग्रेजुएशन, बीएड या अन्य किसी कोर्स (12th पास जरूरी है) के बाद भी किया जा सकता है। बीएसटीसी में एडमिशन के लिए हर साल प्रवेश परीक्षा आयोजित होती है।
bstc करने के बाद कौनसी जॉब मिलती है
BSTC विशेष रूप से प्राइमरी टीचर बनने का कोर्स है अत: इस कोर्स को किया हुआ कोई भी अभ्यर्थी प्राइमरी कक्षाओं (1st से 5th तक) में टीचर बनने की योग्यता रखता है।
Bstc करके अध्यापक की नौकरी कैसे पाएं
कोई भी अभ्यर्थी जिसने बीएसटीसी कर रखी है, वो सीधे सरकारी स्कूलों में प्राइमरी टीचर नहीं बन सकता।
इसके लिए उसे राज्य या केंद्र सरकार द्वारा आयोजित करी जाने वाली थर्ड ग्रेड टीचर भर्ती को पास करना पड़ता है। राजस्थान में इसे रीट परीक्षा के नाम से जाना जाता है।
ध्यान दें कि बीएसटीसी करके सिर्फ प्राइमेरी स्कूल का टीचर बना जा सकता है। अगर कोई अभ्यर्थी सेकंड या फर्स्ट ग्रैड टीचर बनना चाहता है तो उसे बीएसटीसी के बाद या बीएसटीसी किए बिना बीएड और post graduation करना जरूरी है।
BSTC Full Form in Hindi & English
बीएसटीसी की फुल फॉर्म हिंदी में “बुनियादी विद्यालय शिक्षण प्रमाण पत्र” है।
BSTC Full Form in English is “Basic School Teaching Certificate“.
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D.EL.ED क्या है
D.EL.ED बीएसटीसी को ही कहते है। साल 2019 में सरकार द्वारा bstc का नाम बदलकर D.El.Ed कर दिया गया था। D.El.Ed का फुल फॉर्म Diploma in Elementary Education है।
BSTC करने के फायदे
बीएसटीसी शिक्षण क्षेत्र का एक प्रमुख कोर्स है और इसे करने के कई फायदे एवं लाभ है। 12th करने या ग्रेजुएशन करने या कभी भी bstc (deled) कोर्स करने से किसी भी अभ्यर्थी को फायदे होते है।
- सरकारी स्कूल में प्राइमरी कक्षाओं के अध्यापक बन सकते है
- अध्यापन के लिए सरकारी सर्टिफिकेट मिल जाता है
- प्राइवेट स्कूल में टीचिंग की जॉब मिलने के चांस बढ़ जाते है
- BSTC के बाद graduation करके बीएड कर सकते है.
अगर आपके मन में बीएसटीसी से जुड़ा कोई भी प्रश्न है या कोई अन्य जानकारी लेनी है तो कमेंट करके जरूर पूछें। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता करेगी। साथ ही अगर आपको यह लेख पसंद आया तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर अवश्य करें।